“टैरिफ ट्रंप ने लगाया, हटाया भी वही… मोदी-ट्रंप दोस्ती ने कर दिया कमाल!”

साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

अमेरिका के साथ हुई India-US Trade Deal को लेकर संसद से लेकर सोशल मीडिया तक सियासी पारा चढ़ा हुआ है। विपक्ष सवाल पूछ रहा है कि जब डील भारत की है, तो उसका ऐलान पहले Donald Trump ने क्यों किया?

इसी सवाल का जवाब देने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में उतरे केंद्रीय वाणिज्य मंत्री Piyush Goyal, और विपक्ष के आरोपों पर सीधा वार किया।

“टैरिफ अमेरिका ने लगाया, हटाया भी वही” – पीयूष गोयल

पीयूष गोयल ने साफ कहा, “जब टैरिफ अमेरिका की तरफ से लगाया गया, तो उसे हटाने का ऐलान भी अमेरिका ही करेगा। इसमें हैरानी की कोई बात नहीं है।”

यानी डील भारत की हो या अमेरिका की, माइक्रोफोन उसी के हाथ में रहेगा जिसने टैक्स लगाया था — simple economics, no politics (कम से कम सरकार का यही तर्क है)।

PM Modi-Trump Friendship का फैक्टर

गोयल ने खुलकर कहा कि यह डील यूँ ही नहीं हो गई। उनके मुताबिक, PM Modi और Donald Trump के आत्मीय रिश्तों ने इस समझौते की राह आसान की।

“हमारे सभी पड़ोसी देशों की तुलना में भारत को सबसे बेहतर डील मिली है।”

संदेश साफ है — डिप्लोमेसी में दोस्ती भी इन्वेस्टमेंट होती है।

50% से 18% टैरिफ: क्यों है ये बड़ी बात?

भारत पर अमेरिकी टैरिफ 50% तक पहुंच चुका था, जिससे MSME exporters, किसान, Textile, Jewellery, Leather, Engineering और Marine sectors सभी दबाव में थे। अब टैरिफ घटकर 18% होना सीधे-सीधे एक्सपोर्ट और जॉब मार्केट के लिए राहत की खबर है।

“भारत को मिली Best Deal” – सरकार का दावा

पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता सिर्फ आज की राहत नहीं, बल्कि देश के उज्ज्वल आर्थिक भविष्य का संकेत है। “भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है, और इस डील ने हमारी ग्लोबल पोज़िशन को और मजबूत किया है।”

राहुल गांधी पर सटायरिक तंज

ट्रेड डील के बहाने गोयल ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर भी सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “नकारात्मक सोच वाले नेता देश को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।”

यानि डील चाहे डॉलर में हो, सियासत हमेशा शब्दों में ही लड़ी जाएगी।

India-US Trade Deal सिर्फ एक आर्थिक समझौता नहीं, बल्कि ग्लोबल पॉलिटिक्स, पर्सनल डिप्लोमेसी और घरेलू राजनीति तीनों का कॉकटेल है। अब असली परीक्षा ये होगी कि यह डील ज़मीन पर exporters और किसानों के लिए कितनी फायदेमंद साबित होती है।

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